Friday, June 21, 2019

पानी का पता लगाएगा आर्टिफिशल इंटेलिजेंस

पानी का पता लगाएगा आर्टिफिशल इंटेलिजेंस


विश्व के किसी हिस्से में पानी के संकट से होने वाले संघर्ष का पता पहले ही लगाया जा सकेगा। इसके लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा जो कि 1 साल पहले ही बता देगा कि कहां पानी को लेकर लड़ाई होने वाली है और फिर उसे संघर्ष को रोका जा सकेगा। पानी का मुद्दा सच में बहुत ही गंभीर है। हमारे जल स्त्रोत कम होते जा रहे हैं और आबादी के हिसाब से पीने के पानी की कमी होती जा रही है। नीदरलैंड्स स्थिति वॉटर, पीस ऐंड सिक्यॉरिटी पार्टनरशिप (डब्ल्यूपीएस) ने एक टूल बनाया है जो कि दुनियाभर में पानी की आपूर्ति, सामाजिक, आर्थिक व डेमोग्राफिक डेटा को ट्रैक करेगा। टेस्टिंग के दौरान इस टूल ने माली के इनर नाइजर डेल्टा में तीन चौथाई से अधिक पानी संबंधी संघर्षों का पूर्वानुमान व्यक्ति किया था। इस टूल को साल के अंत में वैश्विक रूप से लांच किया जाना है। डब्ल्यूपीएस से जुड़ी सुसेन ने कहा, 'हम पानी के लिए लड़ाई का पहले ही पता लगाना चाहते हैं और उसके बाद उस पर बातचीत करना चाहते हैं ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके।' पहले भी ऐसे टूल का इजाद करने की कोशिशें हुई है लेकिन वह सफल नहीं हो पाई है क्योंकि पानी के लिए संघर्ष की वजहें इलाके के हिसाब से अलग-अलग रही हैं। उधर, डब्ल्यूपीएस ने कहा कि उनका टूल इस दिशा में एक कदम आगे है। इस टूल में दुनियाभर के जल संसाधनों को मॉनिटर करने के लिए नासा और यूरोपीयन स्पेस एजेंसी के सेटेलाइट्स के डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।


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